[2013 update] Insaan hai hum


Charul and Vinay, during their musical presentation of ‘Insaan Hain Hum’ in Araria.

Insaan hai hum – a musical presentation by Vinay and Charul brings out different forms of social, communal, and development led violence in our society and appeals to our inner beings to reflect and question the hate and violence within and around us. It is an appeal for peace and justice.

The programme in Araria was organised at the Town Hall on 9th Feb, 2013, also the birth anniversary of play-write Brecht . Though the acoustics were poor and not the kind of quality saathis Vinay and Charul needed, Charul and Vinay sang to an audience of over 500 people seated and an equal number who stood on the sides, people who came to see and stayed to attend the entire programme. The programme ended with a candle light vigil.

Cross-Section of the audience at the programme:


There was a final event in Ahmedabad, which was attended by 4 full-timers. Here is a trip summary by Arvind:

जन जागरण शक्ति संगठन के चार साथी: शिवनारायण, जितन, सिकेन्द्र, और अरविन्द इंसान है हम कार्यक्रम में भाग लेने अहमदाबाद गए. यह कार्यक्रम गुजरात विद्यापीठ में दो दिन के लिए आयोजित किया गया था. यहाँ पर विभिन्न प्रान्त के 100 प्रतिनिधियों ने भाग लिया जिसमें कुछ छात्र भी थे. कार्यक्रम का उद्दयेश मानव को यह सन्देश देना था कि हम सभी इंसान है और इंसानों के साथ अन्याय पूर्ण व्यव्हार

नहीं होना चाहिए. इन दो दिनों में विभिन्न पहलु पर बात-चीत हुआ, और बीच बीच में चारुल और विनय ने अपने रचित गीतों को गा कर सभी को स्तंब्ध कर दिया. रात में नाटक कार्यक्रम भी किया गया, जिसमें गुजरात दंगा, इरोम शर्मिला, और कर्नाकुलम में समुद्र में हो रही तबाही को अच्छी तरह दिखाया गया. यह कार्यक्रम मानव समाज में एक नया शांति का सन्देश इन दोनों गायक दंपति के माध्यम से पहुँच रहा है.

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